मेरठ, मार्च 16 -- विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए कैलाश पर्वत पर चल रहे भक्तामर विधान एवं पाठ में सोमवार को पूजन व शांतिधारा की गई। शांतिधारा विपिन जैन, सुशील जैन व स्वर्ण कलश से अभिषेक कैलाश जैन, हिमांशु जैन ने किया। आरती का दीप प्रज्वलन वर्षा जैन, शुचि जैन ने किया। विधान में ब्रह्मचारिणी सुनीता ने कहा कि जिस प्रकार कुत्ता हाथी को देखने पर क्रोधित होकर भौंकता है, इसी प्रकार धनाढ्य पुरुष को देखकर निर्धन मनुष्य क्रोधित होता है, रात में जागने वाले को देखकर चोर क्रोधित होता है, महापुरुष को देखकर घमंडी मनुष्य क्रोध करता है। इसलिए मनुष्य को क्रोध नहीं करना चाहिए। इसके बाद पाठ का विसर्जन किया गया। पंच परमेष्ठी एवं चौबीस तीर्थंकर की आरती का दीप प्रज्वलन गुरुकुल के छात्रों ने किया। विधान के 37वें दिन 86 परिवारों की ओर से भक्तामर विधान का आ...
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