गोपालगंज, अप्रैल 15 -- बैकुंठपुर। एक संवाददाता प्रखंड के जगदीशपुर गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा महायज्ञ के दौरान मंगलवार की रात प्रवचन सुनाते हुए लक्ष्मी नारायण त्रिदंडी स्वामी ने कहा कि अच्छे कर्म करना ही भगवान की सच्ची आराधना है। उन्होंने कहा कि केवल घंटों पूजा-पाठ करने से जितना पुण्य नहीं मिलता। उससे अधिक पुण्य किसी लाचार एवं जरूरतमंद की मदद करने से प्राप्त होता है। स्वामी जी ने बताया कि किसी के प्रति बुरा सोचना भी पाप की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने विचार एवं व्यवहार दोनों को शुद्ध रखना चाहिए। क्योंकि दूसरों की आत्मा को कष्ट पहुंचाना सबसे बड़ा पाप माना गया है। यह भी पढ़ें- भागवत कथा सुनने से दूर होते हैं मन के विकार आत्मा में ही परमात्मा का वास होता है। इसलिए हर व्यक्ति के साथ सद्भाव एवं करुणा का व्यवहार ...
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