मनुष्य का सार्थक बनना, यशस्वी बनने से ज्यादा जरूरी : भागवत
नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि मनुष्य का सार्थक बनना उसके यशस्वी बनने से अधिक महत्वपूर्ण है। आज दुनिया को सार्थक जीवन जीने वाले लोगों की जरूरत है। भागवत, नागौर जिले के गोटन में एक शिक्षण संस्थान के वार्षिक समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र जीवन में यशस्वी तो बनेंगे ही, लेकिन यशस्वी बनने से सार्थक बनना ज्यादा महत्वपूर्ण है। भागवत ने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति को असफल होने की कामना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विजय की कामना करनी चाहिए। हमारा समाज विजय की कामना करता है, लेकिन विजय असुर विजय न होकर धर्म विजय होनी चाहिए। भागवत ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य के सामने भगवान या शैतान बनने का विकल्प होता है औ...
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