मनुष्य का मन ही सबसे बड़ा मित्र और शत्रु
कानपुर, अगस्त 6 -- कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्युमिनिटीज एवं सोशल साइंसेज के क्लीनिकल साइकोलॉजी विभाग की ओर से नशा मुक्ति के मनोवैज्ञानिक परिदृश्य विषय पर विशेष व्याख्यान और संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया। सीनेट हाल में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के निदेशक डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि मनुष्य का मन ही उसका सबसे बड़ा मित्र और सबसे बड़ा शत्रु है। जो इस पर कंट्रोल कर लेगा, वह हमेशा कामयाब रहेगा। मुख्य वक्ता रीजेंसी हॉस्पिटल के प्रमुख मनोचिकित्सक डॉ. रवि कुमार ने कहा कि नशा केवल कमजोर इच्छा शक्ति का परिणाम नहीं है, बल्कि मस्तिष्क आधारित एक जटिल चिकित्सीय अवस्था है, जिसमें मस्तिष्क की रासायनिक प्रक्रियाएं और व्यवहार दोनों प्रभावित होते हैं। यह भी पढ़ें- Kanpur News: नुक्कड़ न...
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