मनुज जाते-जाते जरूरतमंद तीन मरीजों को दे गए जिंदगियों को नई उम्मीद
लखनऊ, अगस्त 30 -- मनुज के अंगों से तीन मरीजों को जीवनदान -लोहिया संस्थान ने पहली बार कैडेवर अंग का प्रत्यारोपण कर रचा इतिहास -बाथरूम में नहाते समय कंरट लगने के बाद ब्रेन हेमरेज से बिगड़ी हालत, ब्रेन डेड के बाद परिजनों ने किया अंगदान का फैसला लखनऊ, कार्यालय संवाददाता घर में नहाते समय गिरने से ब्रेन हेमरेज के बाद 35 वर्षीय मनुज मिश्रा जिंदगी की जंग हार गए, लेकिन जाते जाते जरूरत तीन गंभीर रोगियों को नई जिंदगी की उम्मीद दे गए। लोहिया संस्थान में पहली बार ब्रेन डेड का अंग प्रत्यारोपण कर कीर्तमान बनाया गया। लोहिया में एक महिला रोगी को गुर्दा प्रत्यारोपण,जबकि पीजीआई में महिला रोगी को गुर्दा व एक पुरुष मरीज को लिवर प्रत्यारोपण किया गया।
गुर्दा प्रत्यारोपण बाराबंकी निवासी मनुज मिश्रा को लखनऊ में रहकर निजी कम्पनी में काम नौकरी करते थे। 25 अगस्त को...
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