नई दिल्ली, जून 5 -- राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे की जमानत अर्जी पर अपना आदेश 9 जून तक सुरक्षित रख लिया। सीबीआई ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए मनीषा को साजिशकर्ता बताया। आरोप है कि उन्होंने लीक हुआ पेपर हासिल किया और उसे आगे बांटा। विशेष सीबीआई जज अजय गुप्ता की अदालत ने वाघमारे की तरफ से पेश वकील श्रेयस गच्छे व सीबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि वाघमारे ने अहम भूमिका निभाई। वह लीक हुए परीक्षा पेपर को हासिल करने व उसे फैलाने की साजिश में शामिल थीं। सीबीआई के मुताबिक कथित तौर पर पेपर तक पहुंच देने के बदले छात्रों से पैसे लिए थे। सीबीआई ने कहा कि हमारे पास उन छात्रों के बयान हैं जिन्होंने कहा कि उन्हो...