लखीसराय, जून 1 -- ​लखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। जून का महीना आते ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है लेकिन नगर परिषद अपनी चिरपरिचित कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नहीं है। शहर के ड्रेनेज सिस्टम की रीढ़ मानी जाने वाली ऐतिहासिक मनसिंघा पईन आज भी कचरे गाद और जलकुंभियों का डंपिंग यार्ड बनी हुई है। यदि अगले एक हफ्ते के भीतर इस पईन की तली से उड़ाही नहीं हुई तो इस बार भी लखीसराय का डूबना सौ फीसदी तय है। हर साल लाखों का बजट खर्च करने वाली नगर परिषद की इस लापरवाही के कारण इस बार भी जिला प्रशासन की न्याय व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाएं घुटने टेकने पर मजबूर होंगी। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का साफ कहना है कि नगर प्रशासन आग लगने पर कुआं खोदने की नीति पर चलता है जहां जब तक पूरा शहर डूब न जाए और हाहाकार न मच जाए तब तक साहबों की एसी गाड़ियों के...