रुडकी, दिसम्बर 11 -- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पंजीकृत श्रमिकों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए जीवित प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के निर्देश पर लागू की गई है, जिसका उद्देश्य फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है। हालांकि यह प्रमाण पत्र बनवाने में श्रमिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हरिद्वार जिले के रुड़की, बहादराबाद, खानपुर, लक्सर, भगवानपुर और नारसन ब्लॉकों में मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी का कार्य चल रहा है। इसके तहत श्रमिकों को बायोमेट्रिक सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण और अन्य दस्तावेजों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है। इसी प्रक्रिया में उनसे जीवित प्रमाण पत्र भी मांगा जा रहा है, जिसे बनवाने में श्...