लखनऊ, अप्रैल 22 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा के लिए यूपी को 1789.79 करोड़ रुपये दिए हैं। इसके बाद अब श्रमिकों को उनका बकाया मिलने की उम्मीद जगी है। ग्राम्य विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस राशि में बीते साल की बकाया राशि 1,129.55 करोड़ रुपये भी शामिल है। राशि को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, मसलन- अनुसूचित जाति के लिए 536.65 करोड़, अनुसूचित जनजाति के लिए 45.53 करोड़ और अन्य श्रेणियों के लिए 1207.60 करोड़। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि गाइड लाइन्स के मुताबिक भुगतान पारदर्शिता के साथ किया जाए। खर्च का विवरण अनिवार्य रूप से 'नरेगा सॉफ्ट' पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
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