फतेहपुर, अप्रैल 22 -- फतेहपुर। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर सरकारी धन में सेंधमारी के साथ ही मनरेगा में मजदूरों की दिहाड़ी से लेकर आवास श्रम तक में उजागर हुई घपलेबाजी के बाद से अफसर सख्त रवैया अपनाए है। इसके बावजूद फर्जी जॉबकार्ड के जरिए मजदूरी दिखाकर भुगतान का जारी सिलसिला सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। असोथर की सरकंडी, ललौली से लेकर करीब दो दर्जन गावो में घोटाला की परत खुली। जहां विकास के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान या एक काम के अनेकों दफा दाम तक निकाला जाता रहा। इतना ही नहीं मनरेगा योजना तक में जमकर धांधली की जाती रही। जहां फर्जी जॉबकार्ड के जरिए मजदूरों की दिहाड़ी तक जिम्मेदार डकारते रहे। ऐसा ही मामला विजयीपुर के सिलमी गढ़वा का सामने आया था। शिकायतकर्ता अंकित त्रिपाठी ने मनरेगा योजना के तहत विकास कार्यों में ...
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