लोहरदगा, मार्च 15 -- लोहरदगा, संवाददाता। किसानों को सिंचाई में सहूलियत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई कूप निर्माण योजना में मेहनत करनेवाले मजदूरों को पारिश्रमितक के लिए तरसना पड़ रहा है। निर्माण पूर्ण होने के बाद भी मजदूरी का भुगतान नही हुआ। लाभुक बैल और धान बेच मजदूरों को मजदूरी देने को मजबूर हो गए। उक्त मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के डांडू पंचायत से जुड़ा है। पंचायत अंतर्गत चितरी अम्बा टोली के किसान मुनी उरांव के कूप निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2024-25 में हुई थी, मगर मजदूरों की मजदूरी भुगतान में लापरवाही की शिकायत प्रखंड स्तर पर की गई है। मनरेगा की अन्य योजनाओं की स्थिति यही है। कहीं मजदूरी भुगतान अटका हुआ है तो कहीं सामग्री मद की राशि का कोई अता-पता नहीं है। हालात ऐसे हैं कि लाभुकों को अधूरी योजनाएं पूरी करने के लिए...