रुडकी, दिसम्बर 19 -- केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसके प्रावधान भी बदल दिए हैं। प्रधानों का मानना है कि इसमें बदलाव से कुछ फायदे तो होंगे, मगर योजना के बजट में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी कम होने की वजह से योजनाओं के लिए पैसा मिलने में दिक्कत होगी। इससे विकास कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह जी राम जी (विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन) विधेयक को विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद में पारित कर दिया है। नए विधेयक में योजना के प्रावधानों को बदला गया है। प्रधान अर्जुन सैनी, प्रदीप चौधरी ने बताया कि जी राम जी लागू होने पर पुराने जॉब कार्ड की जगह नए जॉब कार्ड बनेंगे।
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