फतेहपुर, अप्रैल 26 -- फतेहपुर, संवाददाता। पिछले कुछ महीनों में मनरेगा योजना का उद्देश्य पिछड़ता जा रहा है। बकाया भुगतान की पेंडेंसी से मजदूर फावड़ा व बेलचा से दूरी बनाई तो कर्मियों के आंदोलन का भी असर गहरता जा रहा है। नतीजन एक सैकड़ा ग्राम पंचायतों में ही काम देखा जा रहा है। जी राम जी में परिवर्तित योजना की गाइडलाइन जारी न होना भी योजना की पीछे धकेल रहा है।जिले की 13 ब्लाकों की 816 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत अगस्त माह में पांच से छह सौ पंचायतों में 18 से 20 हजार मजदूर काम कर रहे थे लेकिन वर्तमान में आंकड़ा औंधे मुंह गिरता जा रहा है। सरकंडी घपलेबाजी में जिम्मेदारों पर कार्रवाई से अन्य ब्लाक के कर्मियों में नाराजगी से काम में रुकावट तो हुई लेकिन इसके बाद कर्मी से लेकर मजदूरों का महीनों से बकाए भुगतान से काम पर ब्रेक लगता गया। कर...