कानपुर, अप्रैल 29 -- कानपुर। मनरेगा घोटाले में जिलाधिकारी ने निवादा बौसर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। प्रधान से 99 हजार के मनरेगा घोटाले में 33 हजार की वसूली का आदेश भी दिया है। उपनिदेशक कृषि को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया हैं। अब संचालन ग्राम पंचायत समिति करेगी। बता दें कि सरसौल ब्लॉक के निवाद बौसर में मनरेगा का घोटाला हुआ था। इसमे प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। 99 हजार की रिकवरी निकाली गई थी। जिसे तीन भागें में बांटा गया था। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मनरेगा में वित्तीय अनियमितता के चलते प्रधान समरजीत यादव के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। उनसे 33 हजार की वसूली होनी है।

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