हजारीबाग, अप्रैल 11 -- हजारीबाग, निज प्रतिनिधि। मनरेगा कर्मियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। यही कारण है कि एक लाख 83 हजार 672 निबंधित मजदूरों में से मात्र 705 मजदूरों को ही काम मिल पाया है। जबकि अन्य मजदूर काम के अभाव में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं । झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गहरा असर पड़ रहा है। जिला अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा कर्मियों में बीपीओ, जेई, और रोजगार सेवक के काम बंद करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली यह योजना पूरी तरह ठप हो गई है। मनरेगा के तहत होने वाले नए कार्यों जैसे तालाब निर्माण, डोभा, बागवानी और मेढ़ बंदी की प्रशासनिक और तकनीकी स्वी...