जमशेदपुर, नवम्बर 19 -- बिष्टूपुर गोपाल मैदान में आयोजित संवाद 2025 के तीसरे दिन सोमवार को मनमोहक प्रस्तुतियों ने जनजातीय संस्कृति की खुशबू बिखेरी। तीसरा दिन सहयोग, नेतृत्व और समुदाय-संचालित अभिशासन प्रणालियों की कहानियों के साथ आगे बढ़ा। देशभर के जनजातीय परिवर्तन निर्माता 15 नवंबर से चल रही चर्चाओं को आगे ले जाने के लिए एकजुट हुए। सुबह की शुरुआत विचारोत्तेजक सत्रों से हुई, जिनमें कला और हस्तशिल्प पर विशेष ध्यान दिया गया। यहां व्यवसाय की बारीकियों को समझने पर जोर दिया गया। आदिवासी उपचार पद्धतियों से जुड़े प्रतिभागियों ने पारंपरिक निदान संबंधी दृष्टिकोणों पर अपने विचार साझा किए। अखड़ा में आदिवासी सामाजिक अभिशासन प्रणालियों और मुख्यधारा के विकास लक्ष्यों के तालमेल पर चर्चा हुई। समुदाय के साथ ने ऐसी कहानियां साझा कीं, जो उभरते फिल्म निर्माताओ...
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