बिहारशरीफ, अप्रैल 10 -- खुले बाजार में नहीं मिलती हैं पुस्तकें स्कूल में या चिह्रित दुकानों से मनमानी दाम में खरीदने को विवश हैं अभिभावक कई स्कूल हर साल बदल देते हैं सिलेबस, फिर से नामांकन के नाम पर वसूल रहे शुल्क आरटीई से नामांकित गरीब बच्चों को स्कूल से खरीदनी पड़ रहीं पाठ्यपुस्तकें व पोशाक एसडीओ ने कहा टीम गठित कर करायी जाएगी स्कूलों की जांच फोटो : हिलसा बीआरसी : हिलसा बीआरसी। हिलसा, निज प्रतिनिधि। जिले में महज आठ सौ निजी विद्यालय निबंधित हैं। लेकिन, अवैध तरीके से तीन हजार से अधिक निजी विद्यालय चल रहे हैं। निबंधित निजी विद्यालय पर तो अधिकारियों का कुछ नियंत्रण भी है। लेकिन, अवैध तरीके से संचालित विद्यालयों को कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। अवैध तरीके से चल रहे निजी विद्यालयों के साथ कई निबंधित निजी विद्यालयों द्वारा भी अभिभावकों से मनमान...
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