नई दिल्ली, मई 15 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार तथा एएसआई इसके प्रशासन और प्रबंधन पर निर्णय ले सकते हैं। हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी ने इस मामले से संबंधित पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर पुरातात्विक व ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की अधिसूचनाओं व उसके वैज्ञानिक सर्वेक्षण और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि परमार वंश के राजा भोज की विरासत से जुड़े इस स्थल पर हिंदुओं की पूजा-अर्चना की निरंतरता कभी समाप्त नहीं हुई है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के मुकदमे में शीर्ष अदालत के फैस...