दरभंगा, मार्च 26 -- दरभंगा। ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित कर दिया है। यह भारत के 'गोल्डीलॉक्स' संतुलन यानी उच्च विकास दर और निम्न मुद्रास्फीति के सामंजस्य के लिए खतरा उत्पन्न करता है। मध्य-पूर्व में संघर्ष और उसके परिणाम विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अनुरंजन ने उक्त बातें कही। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए एक विदेश नीति संबंधी दुविधा भी उत्पन्न करता है, क्योंकि भारत को अमेरिका-इजरायल और ईरान तीनों के साथ अपने संबंध बनाए रखने हैं। एमके कॉलेज के पूर्व भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. शारदानंद चौधरी ने कहा कि अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष भारत की ...