नई दिल्ली, जुलाई 20 -- Iran America War: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की 'मध्यस्थ' वाली बड़ी छवि पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। हफ्तों की कूटनीतिक दौड़-धूप के बाद इस्लामाबाद MoU अब कागजी शेर साबित हो रहा है, जबकि तेहरान के हमलों और अमेरिकी जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को फिर से अस्थिर कर दिया है। शहबाज शरीफ और असीम मुनीर की अगुवाई वाला पाकिस्तान अब खुद को दोनों तरफ से घिरा हुआ पा रहा है, जहां उसकी मध्यस्थ भूमिका न सिर्फ कमजोर पड़ गई है, बल्कि 'बलि का बकरा' बनने का खतरा भी मंडरा रहा है। दरअसल, तेहरान द्वारा बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद संघर्ष भड़क उठा है। अमेरिका ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिससे एक बार फिर मिडिल ईस्ट में बम और मिसाइलों की आवाज सुनाई देने लगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि वे ईरानियों...