मधुश्रावणी पर्व को ले नवविवाहिताओं में उत्साह, गूंज रहे पारंपरिक गीत
सीतामढ़ी, अगस्त 6 -- अंशु कुमार बोखड़ा। मिथिलांचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक नवविवाहिताओं का अति प्राचीन पर्व मधुश्रावणी इन दिनों पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सावन माह में आयोजित होने वाला यह पर्व नवविवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। पति की दीर्घायु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना को लेकर महिलाएं 13 से 15 दिनों तक कठिन नियमों और धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करती हैं। पर्व के दौरान व्रती महिलाएं प्रतिदिन नाग देवता, माता गौरी और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं। शाम के समय नवविवाहिताएं रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सोलह श्रृंगार कर समूह में निकलती हैं और पूजा के लिए विभिन्न प्रकार के फूल चुनती हैं। यह भी पढ़ें- Purnia News: अखंड सौभाग्य की कामना के साथ मधुश्रावणी व्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.