मधुबनी, अगस्त 2 -- मधुबनी/मधेपुर, निज संवाददाता। मिथिलांचल की लोकआस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रमुख पर्व मधुश्रावणी तीन अगस्त से जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू होगा। 13 दिनों तक चलने वाला यह पर्व 15 अगस्त को संपन्न होगा। इस दौरान नवविवाहिताएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य तथा सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ व्रत रखकर भगवान शिव-पार्वती, नाग-नागिन और विषहरी देवी की पूजा-अर्चना करेंगी। पंडित ऋषि नाथ मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष मधुश्रावणी का शुभारंभ अमृत योग में हो रहा है, जिससे व्रत का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। व्रति सुप्रिया झा, मनीषा मिश्रा, गीता मिश्रा व अन्य ने बताया कि पहले और अंतिम दिन विशेष पूजन का विधान है, जबकि प्रतिदिन महिलाओं द्वारा मधुश्रावणी कथा, शिव-पार्वती विवाह, बिहुला, मंगला गौरी तथा अन्य पारंपरिक कथाएं सुनाई ज...