देवघर, अप्रैल 18 -- करीब तीन दशक पहले इस इलाके में शिक्षित व स्वस्थ्य समाज का दूसरा नाम संताल पहाड़िया सेवा मंडल था। बच्चों के जन्म लेने से लेकर उसके पालन-पोषण के लिए अस्पताल, बुनियादी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा के लिए पहाड़िया पाठशाला हुआ करता था। कुष्ठ रोगियों के इलाज में यहां न सिर्फ अविभाजित बिहार के रोगी, अपितु आसपास के कई प्रांतों के मरीज भी आकर स्वास्थ्य लाभ लेते थे। वक्त कब और कैसे बीत गया यह पता ही नहीं चला। संताल पहाड़िया सेवा मंडल द्वारा संचालित कुष्ठ अस्पताल पिछले 32 साल से बंद पड़ा है। रखरखाव के अभाव में करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हो रही है। यह भी पढ़ें- जिले के स्वास्थ्यकर्मियों का प्रति नियोजन रद्द, मूल स्थान में योगदान देने का आदेश इस अस्पताल में कार्यरत कर्मियों को पिछले करीब तीन दशक से वेतन नहीं दिया गया है। सेवा मंडल के अधीन ...
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