रामपुर, दिसम्बर 24 -- मस्जिद कप्तान वाली घेर मुबारक शाह ख़ाँ में चलने वाले मदरसा मकतबतुल कुरआन में जलसा-ए-दस्तारबन्दी का आयोजन किया गया। जिसमें मदरसे से फारिग होने वाले छात्रों को नाज़रा, हिफ्ज के सर्टिफिकेट देकर नवाजा गया। मदरसे में कार्यक्रम के दौरान मुफ़्ती शाह फैसल मसरूर ने कुरआन और दीने इस्लाम की शिक्षाओं के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम मजहब मानवता की शिक्षा देता है। इसलिये हर इंसान को लोगों के साथ भलाई करना चाहिए। उन्होंने कुरआन की तालीम पर जोर देते हुए कहा कयामत के दिन हाफिजे कुरआन के माता-पिता के सर पर एक ऐसा ताज सजाया जायेगा जिसकी रौशनी के सामने सूरज की रौशनी भी धीमी हो जायेगी। उसके बाद मौलवी फैजान साहब इमाम जामा मस्जिद के हाथों हापिज खिजर के सर पर दस्तारे हिफ्ज बांधी गई। उलेमा ने आखिर में देश और दुनिया की तरक्की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.