बस्ती, मई 26 -- बस्ती, निज संवाददाता। अमोढ़ा कस्बे में स्थित मदरसा महबूबिया बदरूल उलूम में जश्न-ए-दस्तारबंदी, तकरीरी कार्यक्रम एवं नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आगाज कारी निफताहुल हक द्वारा कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुआ। मुख्य वक्ता मुफ्ती मसिउदीन असमती ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए हैं। अक्तर हुसैन अलीमी ने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाएं मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। नातिया मुशायरे में शायर अंबर मुशाहिदी सहित अन्य शायरों ने नातिया कलाम पेश कर समां बांधा। जाकिर इस्माइली और गुलाम गौस तनवीरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद मदरसे में धार्मिक शिक्षा पूर्ण कर हाफिज बने चार छात्रों नूर-ए-अनस, मुख्तार अहमद, गुलाम महिमुद्दीन और गुफरान अहमद की दस्तारबंदी की गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचट...