मथुरा, मई 8 -- मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की 'पिक एंड चूज' (चुनिंदा कार्रवाई) की नीति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा गंभीर सवाल उठाने के बाद प्राधिकरण के अधिकारी हरकत में हैं। प्राधिकरण द्वारा वृंदावन के यमुना खादर में अवैध निर्माणों को लेकर सर्वे कराया गया है। यह सर्वे याचिका में लगाए गए आरोप कि प्राधिकरण ने 23 अवैध निर्माणों की सूची तैयार की, लेकिन केवल कुछ के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और शेष को छोड़ दिए जाने के बाद कराया गया है। सर्वे की रिपोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय में रखी गई है। विदित है कि पिछले दिनों इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वामी शिव स्वरूपानंद महाराज की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि समान परिस्थितियों वाले लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार करना कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। याची का आरोप था कि प्राधिकरण ने ...