मथुरा में पहले, गोकुल में अगले दिन क्यों मनती है जन्माष्टमी? जानें ब्रज की इस अनोखी परंपरा का रहस्य
नई दिल्ली, अगस्त 24 -- भाद्रपद मास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म में बड़े उत्साह से मनाई जाती है। इस दिन लोग लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। ब्रजभूमि में इस पर्व की रौनक और खास होती है। मंदिर सजाए जाते हैं और दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। खास बात यह है कि मथुरा और गोकुल में जन्माष्टमी अलग-अलग दिन मनाई जाती है। इसके पीछे पौराणिक मान्यता और ब्रज की पुरानी परंपरा जुड़ी हुई है।मथुरा में जन्माष्टमी का दिन पवित्र नगरी मथुरा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान है। पौराणिक कथा के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात में कंस के कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसी वजह से मथुरा में जन्माष्टमी एक दिन पहले मनाई जाती है। मध्यरात्रि में भगवान का पूजन और महाभिषेक होता है। पूरे शहर में भक्ति का माहौल छा जाता ...
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