बुलंदशहर, मार्च 26 -- नगर की आवास विकास कॉलोनी प्रथम में चल रही श्री शिव महापुराण कथा में कथाव्यास आचार्य राहुल कृष्ण ने कहा कि जब प्रभु जीव को उसके कर्मों का दंड देते हैं, तो सबसे पहले उसकी मति हर लेते हैं। जलंधर जैसा शक्तिशाली राजा, जिसे स्वयं लक्ष्मी जी का सानिध्य प्राप्त था, केवल अहंकार और वासना के कारण विनाश की ओर बढ़ा। आचार्य ने बताया कि जलंधर की पत्नी वृंदा के सतीत्व के कारण उसका वध असंभव था। ऐसे में समाज को उसके अत्याचारों से मुक्त कराने के लिए भगवान विष्णु को छल का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा की यदि राष्ट्र और समाज हित के लिए छल करना पड़े, तो वह अपराध नहीं है। राष्ट्रहित सर्वोपरि है जैसा की भगवान कृष्ण ने अपनी 16 कलाओं के माध्यम से सिद्ध किया। इस अवसर पर रविन्द्र राजौरा, भूपेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, प्रदीप लोधी, म...