पटना, नवम्बर 7 -- प्रदेश राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने दावा किया है कि पहले चरण में हुआ अधिक मतदान सत्ता में बदलाव का संकेत है। शुक्रवार को जारी बयान में राजद प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग बढ़े हुए मत प्रतिशत का आधार एसआईआर और महिला मतदाताओं के रुझान को बता रहे हैं, सही अर्थों में वे अंधेरे में तीर मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि एसआईआर नहीं भी हुआ रहता और मतदाताओं की संख्या पूर्व की तरह यदि 7.89 करोड़ ही रहती तो भी पहले चरण के मतदान का प्रतिशत 64.69 प्रतिशत है, वह लगभग 62 प्रतिशत रहता। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान प्रतिशत से लगभग पांच प्रतिशत यह ज्यादा है। पूर्व के अनुभवों के आधार पर हम यह दावे के साथ कह सकते हैं कि यह पांच प्रतिशत वोट बढ़ना सत्ता में बदलाव के दृष्टिकोण से अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। किसी को भ्रम में नहीं...
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