नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- सूर्यकांत द्विवेदी,वरिष्ठ पत्रकार मतदाता सूची 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) को लेकर एक बार फिर बड़ी हलचल है। उत्तर प्रदेश में लगभग ढाई करोड़ वोट इस प्रक्रिया के कारण कट गए हैं। पूरे देश में सर्वाधिक संख्या में वोट कटने का रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के नाम है। जाहिर है, बड़ा प्रदेश है, तो नाम भी ज्यादा कटेंगे। राज्य के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के विधानसभा क्षेत्र में तो 34 प्रतिशत वोट कम हो गए हैं। स्वाभाविक ही पार्टियां अपना-अपना गणित निकाल रही हैं, मगर हल्ला सिर्फ इस बात पर है कि किसके वोट कटे और क्यों कटे? कौन बाहरी है? किसके पास वैध दस्तावेज हैं और किसके पास नहीं? सवाल यह है कि एसआईआर की आवश्यकता क्यों पड़ी? तर्क भले कुछ भी दिए जा रहे हों, घुसपैठियों को मुद्दा बनाया जा रहा हो या इसे वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने की कवायद बत...