नई दिल्ली, मार्च 6 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए राज्यों द्वारा मुफ्त उपहार (फ्रीबीज), खासकर बैंक खातों में नकद दिए जाने से सरकारी खजाने पर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.7 फीसदी तक बोझ पड़ता है, जिससे कई बार जरूरी कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होती है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिपोर्ट में फ्रीबिज पर चिंता व्यक्त करते हुए मुफ्त उपहार और बैंक खातों में नकदी जैसी फ्रीबिज योजनाओं को लागू करने पर खर्च की सीमा जीएसडीपी का फीसदी तक सीमित करने की सिफारिश की है ताकि सरकार की जरूरी व कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित नहीं हो।अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकारों द्वारा चुनाव से ठीक पहले अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए मुफ्त उपहार (फ्रीबीज), खासकर बैंक खातों में नकद दिए जा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.