मतदाताओं के छूटने से मकसद बेमानी
नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- ओपी रावत,पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद थमता नहीं दिख रहा। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के जिस तरह के आरोप सर्वप्रथम बिहार में लगे थे, वे एसआईआर के तीसरे चरण में भी दूर नहीं किए जा सके। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एसआईआर की जो मसौदा मतदाता सूची जारी की गई, उसमें 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख के नाम नहीं हैं। इसका अर्थ है कि हर तीसरे मतदाता का नाम मसौदा सूची में कट गया है। दिल्ली में लगभग 33 प्रतिशत मतदाताओं के नाम एसआईआर के जरिये हटने के बाद इस प्रक्रिया को लेकर बहस फिर से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने इन कटे नामों या छूट गए वोटरों को नाम जुड़वाने के लिए नए सिरे से आवेदन करने और प्रमाण पेश करने की सलाह दी है, लेकिन कई राजनीतिक दलों की नजर में वह लोकतंत्र को क...
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