मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार होने से मिलता है मोक्ष
मुजफ्फर नगर, मई 28 -- मुजफ्फरनगर। शगुन पैलेस में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन पंडित जगमोहन भारद्वाज ने राजा शिवि की दानवीरता और राजा हरिश्चंद्र की सत्यनिष्ठा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य के मार्ग पर अडिग रहने वाले राजा हरिश्चंद्र के धर्म से प्रसन्न होकर देवताओं ने उनके मृत पुत्र रोहिताश को पुनर्जीवित कर दिया था। कथा व्यास ने आगे कंस के अत्याचारों और कारागार में वासुदेव-देवकी के यहाँ श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का प्रसंग सुनाया। उफनती यमुना पार कर बालकृष्ण के गोकुल पहुँचने की कथा सुनते ही श्रद्धालु झूम उठे। नंदोत्सव के दौरान भक्तों ने जमकर जयकारे लगाए, नृत्य किया और खिलौने व मिष्ठान वितरित किए। यह भी पढ़ें- भागवत कथा में समुद्र मंथन व कृष्ण जन्म का भावपूर्ण वर्णन कार्यक्रम में मनोज अग्रवा...
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