चाईबासा, फरवरी 18 -- पश्चिम सिंहभूम जिला के मझगांव प्रखंड में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए बनी जलापूर्ति योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। जनवरी 2020 में उद्घाटन के बाद शुरू हुई यह योजना कभी भी पूरी तरह ग्रामीणों की प्यास बुझाने में सफल नहीं रही। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 16 करोड़ की लागत वाली इस योजना से तीन पंचायतों के 14 गांवों के 2307 घरों में पानी पहुंचाना था। कभी भी सभी घरों में पानी नहीं पहुंच सका। भीषण जल संकट से निजात दिलाने और ग्रामीणों को जलापूर्ति योजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने का सरकार उद्देश्य कभी पूरा नहीं हो सका। पीएचईडी विभाग ने कई गांवों में नल जल योजना का काम पूरा करवाया, लेकिन वर्षों बाद भी नल जल योजना से ग्रामीणों को सही से पानी नसीब नहीं हुआ है। अभी पाइप स्टैंड जगह-जगह खड़े हैं, लेकिन पाइप लाइन उ...
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