कानपुर, मई 8 -- कानपुर। गौरव श्रीवास्तव कलेक्ट्रेट के अर्बन सीलिंग विभाग में तैनात लिपिक ने मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर बनाकर बड़ा फर्जीवाड़ा कर दिया। लिपिक ने वेतन समेत अन्य बिलों पर आहरण वितरण अधिकारी बनकर हस्ताक्षर किए और कोषागार से बिल पास कराकर 55 लाख का भुगतान भी करा लिया। इसके बावजूद आला अफसर आंखे बंद किए रहे। शिकायत होने पर डीएम के आदेश पर एसीएम पंचम ने जांच की तो मामला पकड़ में आया। अब उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पूरी स्थिति से शासन को अवगत भी कराया गया है。
फर्जीवाड़े का विवरण अर्बन सीलिंग विभाग में व्योम सक्सेना लिपिक है। अर्बन सीलिंग विभाग के आहरण वितरण अधिकारी का काम एसीएम पंचम राधेश्याम शर्मा देखते हैं। वेतन, यात्रा भत्ता और मेडिकल समेत सभी बिलों पर आहरण वितरण अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। लिपिक व्योम सक्सेना ने आ...
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