नई दिल्ली, जनवरी 27 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ किया है कि पुलिस बिना सक्षम मजिस्ट्रेट या कोर्ट की इजाजत के किसी भी बैंक खाते को फ्रीज नहीं कर सकती। यह आदेश मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स लिमिटेड के बैंक खातों को फ्रीज करने के पुलिस के कदम को रद्द करते हुए दिया गया। कंपनी के खाते एक तीसरे पक्ष के ग्राहक की ओर से कथित साइबर फ्रॉड की शिकायत के आधार पर फ्रीज किए गए थे, जबकि मालाबार गोल्ड ने दावा किया कि उसका इस फ्रॉड से कोई संबंध नहीं था और न ही वह किसी एफआईआर में नामित थी। इस कार्रवाई से कंपनी की व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिसके चलते उसने हाईकोर्ट का रुख किया। यह भी पढ़ें- जनगणना में OBC और जनरल का कॉलम गायब, कांग्रेस ने मोदी सरकार की मंशा पर उठाए सवाल जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौराव की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए...
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