कानपुर, सितम्बर 10 -- कानपुर। मजलिस तहफ्फुज खत्म-ए-नबुव्वत और मतीनुल हक़ अकादमी ने जामिया महमूदिया अशरफुल उलूम, जाजमऊ में चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें कानपुर के अलावा अन्य जिलों से आए उलमा ने शिरकत की। अध्यक्ष मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्ला कासिमी ने कहा कि मजहब के साथ अकीदा (आस्था) बचाना बड़ी चुनौती है। इस अवसर पर घोषणा की गई कि शीघ्र ही एक साल का 'तहफ्फुज-ए-अकाएद' (आस्था की रक्षा) का नया कोर्स शुरू किया जाएगा। धार्मिक विद्वान मौलाना मोहम्मद याह्या नोमानी ने बताया कि आस्था को किस- किस से खतरा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षण संस्थानों (स्कूल-कॉलेजों) और दीनी मदरसों के बीच मजबूत संपर्क पर जोर दिया। यहां मुफ्ती अब्दुर्रशीद कासिमी, मौलाना नूरुद्दीन अहमद कासिमी, मुफ्ती इज़हार मुकर्रम कासिमी ने सफल उलमा को पुरस्कृत किया।

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