उन्नाव, मार्च 11 -- सफीपुर। गत वर्षों की भांति इस साल भी कस्बा सफीपुर में पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के दामाद हज़रत अली की शहादत की याद में शिया और सुन्नी समुदाय से मजलिस का आयोजन कर अलम व ताबूत का जुलूस निकाला गया। "या अली मौला, हैदर मौला" की सदाओं के बीच गमगीन माहौल में अकीदतमंदों ने हज़रत अली की कुर्बानियों को याद करते हुए गम का इजहार किया। बुधवार सुबह फज्र के समय मोहल्ला सय्यदवाड़ा स्थित बड़े इमामबाड़े से अलम व ताबूत का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कर्बला में समाप्त हुआ। इस दौरान अंजुमन इमामिया के सदस्यों ने "अली-अली, हाय अली" की सदाओं के साथ सीना ज़नी कर मातम किया।इसी इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें मौलाना आली जनाब सैयद इफ्तेखार हुसैन रिजवी ने मजलिस को संबोधित करते हुए हज़रत अली के जीवन, उनके...