मजबूत साझेदारी पर निर्भर है कृषि का भविष्य शोध
वाराणसी, जून 10 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरी)में 'धान-गेहूं प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए जलवायु-अनुकूल यंत्रीकृत नवाचार' विषय पर नवाचार पैकेज एवं विस्तार तैयारी (आईपीएसआर) कार्यशाला हुई। इसमें वर्चुअल माध्यम से जुड़े आइसार्क के अंतरिम निदेशक डॉ. विकास कुमार सिंह ने जलवायु-अनुकूल कृषि को आगे बढ़ाने में बहु-हितधारक सहयोग के महत्व पर बल दिया।उन्होंने कहा कि कृषि का भविष्य शोध संस्थानों, सरकारों, निजी क्षेत्र और किसानों के बीच मजबूत साझेदारी पर निर्भर करता है। प्रमाणित नवाचारों को अधिक किसानों तक पहुंचाने और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार व प्रभावी विस्तार एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है। इस दौरान उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र सुदृढ़ीकरण परियोजना (यूपीएग...
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