रांची, दिसम्बर 13 -- रांची, विशेष संवाददाता। गोस्सनर कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से '21वीं सदी में मनोविज्ञान: अंतर्दृष्टि, चुनौतियां और परिवर्तनकारी समाधान' विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का अंतिम दिन गंभीर अकादमिक विमर्श, वैश्विक दृष्टिकोण और सामाजिक सरोकारों से भरपूर रहा। सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, प्रशासकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। रिनपास के प्राध्यापक (क्लिनिकल मनोविज्ञान) डॉ. जय प्रकाश ने मानसिक स्वास्थ्य में परिवार की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को अलग-थलग नहीं देखा जा सकता, बल्कि प्रारंभिक जीवन के अनुभव, पारिवारिक संवाद, आघात और देखभाल का बोझ मानसिक रोगों की शुरुआत, प्रवाह और उपचार में निर्णायक...
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