रांची, अप्रैल 29 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भाकपा (माले), प्रदेश राज्य कमिटी के सचिव मनोज भक्त ने कहा है कि एक मई मजदूर दिवस सिर्फ एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि संघर्ष, एकजुटता और प्रतिरोध का दिन है। इस साल मजदूर दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है, जब मोदी सरकार नए लेबर कोड थोपकर मजदूर वर्ग के ऐतिहासिक अधिकारों पर गंभीर हमला कर रही है। उन्होंने बुधवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि ये नए श्रम कोड मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के बजाय कॉरपोरेट घरानों और मालिकों को मनमानी छूट देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आठ घंटे कार्य दिवस, उचित मजदूरी, ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक सम्मान जैसे अधिकार लंबे संघर्षों, हड़तालों और शहादतों के बाद हासिल हुए थे। यह भी पढ़ें- मजदूर दिवस पर सिडकुल चौक पर जुटेंगे श्रमिक लेकिन आज ठे...