जमशेदपुर, अप्रैल 27 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा से संबद्ध झारखंड श्रमिक संघ और कुछ अन्य मजदूर संगठनों ने श्रम कानूनों में सुधार की मांग की है। उन्होंने 18, 000 रुपए तक वेतन या मानदेय वाले को ही कामगार मानने को गलत करार दिया है। उनका कहना है कि पहले ऐसा नहीं था। सिर्फ दूसरे कर्मचारी पर कार्रवाई का अधिकार रखने वाले को ही कामगार नहीं माना जाता था। वेतन या उसका पद महत्वपूर्ण नहीं था। इसलिए इसमें सुधार होना चाहिए। इस आशय की मांग संघ के संयुक्त महामंत्री शैलेन्द्र मैती ने सोमवार को पुराना कोर्ट स्थित झामुमो के कैम्प कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। उन्होंने इएसआईसी की सुविधा 21 हजार रुपए तक वेतन वाले को ही देने के नियम में भी सुधार की मांग की। कहा, आज की तारीख में केन्द्र सरकार ने अकुशल मजदूर की दैनिक मजदूरी भी 783 रुपए निर्धारित कर दी...