प्रयागराज, जून 2 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने पहली पत्नी के गुजारे भत्ते यानी मेंटेनेंस की रकम 1000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह करने के फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने 11 मई के अपने आदेश में कहा था कि बढ़ती महंगाई के बीच किसी भी महिला के लिए इतनी मामूली रकम में अपना खर्च चलाना पूरी तरह से असंभव है।क्या है पूरा मामला? अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, इस जोड़े की शादी साल 1995 में हुई थी। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी पिछले 17 सालों से बिना किसी ठोस वजह के उससे अलग रह रही है। पति ने कोर्ट में दावा किया कि उसकी पत्नी अपना खुद का बिजनेस चलाती है और उससे हर महीने करीब 30,000 रुपये कमाती है। उसने यह भी कहा कि उसे दहेज उत्पीड़न के एक मामले में बरी किया ...