हमीरपुर, अप्रैल 30 -- हमीरपुर, संवाददाता। बारहों महीने काम की तलाश में शहर के चौराहों में जमा होने वाले मजदूरों की मेहनत से उनके खुद के परिवार भी फलफूल रहे हैं। सर्दी-गर्मी और बारिश के महीनों में परिवार की खातिर पसीना बहाने वाले इन मजदूरों के हाथों ने जब से काम करना शुरू किया, फिर रुके नहीं। सबके पास अपनी जिम्मेदारियां है। अपना पेट काटकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कुछ ऐसे ही मजदूरों से हिन्दुस्तान ने मजदूर दिवस की पूर्व सन्ध्या पर बातचीत की। मजदूरी करके बेटे को बनाया सब इंस्पेक्टर यह भी पढ़ें- यूपी में गर्मी बढ़ने पर श्रमिकों को 5 घंटे का मिलेगा दोपहर विश्रामश्रीराम प्रजापति की मेहनत भरुआ सुमेरपुर। ग्राम पंचायत विदोखर पुरई निवासी भूमिहीन मजदूर श्रीराम प्रजापति ने रात-दिन फावड़ा चलाकर बच्चों को पढ़ाया लिखाया। उसकी मेहनत रंग लाई और उसका एक बेटा आ...