गौरीगंज, अप्रैल 30 -- अमेठी। आजादी के 79 साल बाद भी अमेठी में मजदूरों के हालात में विशेष बदलाव नहीं हुआ है। सुबह होते ही मजदूर मजदूर मंडी में पहुंच जाते हैं वहीं खुले आसमान के नीचे उनकी बोली लगती है और दिहाड़ी के लिए ले जाया जाता है। मजदूरों के कल्याण के लिए कागजों में 40 से अधिक योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन ज्यादातर मजदूरो को योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं है। जिले में लगभग दस लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। जिनमें करीब 1.26 लाख निर्माण श्रमिक और साढ़े आठ लाख अन्य कामगार शामिल हैं। जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित जीजीआईसी परिसर के पास, अमेठी बाईपास तथा मुसाफिरखाना नहर किनारे बने अस्थायी श्रमिक अड्डों पर रोज सुबह सैकड़ों मजदूर रोजगार की तलाश में पहुंचते हैं। यहां मजदूर घंटों काम मिलने की उम्मीद में बैठे रहते हैं। लेकिन उनके लिए न बैठने की समुचि...