मजदूरों की कमी ने बदला खेती का तरीका, ठेके पर हो रही धान रोपनी
जमशेदपुर, जुलाई 23 -- कृषि प्रधान पटमदा और बोड़ाम प्रखंड में धान रोपनी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। लगातार मजदूरों की कमी और समय पर खेती पूरी करने की चुनौती के कारण किसान अब पारंपरिक दैनिक मजदूरी के बजाय महिलाओं से ठेके पर धान रोपनी करा रहे हैं। इस व्यवस्था से किसान और महिला मजदूर, दोनों को लाभ हो रहा है। क्षेत्र में सामान्य दैनिक मजदूरी 200 से 250 रुपये है। किसानों का कहना है कि दैनिक मजदूरी पर काम की गति और गुणवत्ता को लेकर अक्सर शिकायत रहती है, वहीं मजदूरों को यह मजदूरी कम लगती है। ऐसे में लावा, पाथरडीह, झाड़बामनी, बामनी, खेड़ुआ, लोआडीह, जाल्ला, जोड़सा, लच्छीपुर और बांसगढ़ समेत कई गांवों में महिला मजदूर समूह बनाकर ठेके पर धान रोपनी का कार्य कर रही हैं। ठेके पर काम करने वाली महिलाओं को करीब आठ घंटे के कार्य के बदले 350 से 400 रुपये प्र...
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