रामपुर, मई 3 -- रामपुर। जिला अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन और बीज उत्पादन के क्षेत्र में पूरे उत्तर भारत का सिरमौर बन गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मछली उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 27 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कुल उत्पादन 10402 मीट्रिक टन के पार पहुंच गया है। उत्पादन बढ़ने के साथ ही रोजगार सृजन के मोर्चे पर भी इस क्षेत्र ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक प्रशांत गंगवार के अनुसार वर्ष 2025-26 में मत्स्य पालन और बीज उत्पादन से सीधे तौर पर 3846 लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया है। जिले में वर्तमान में 56 हैचरी संचालित हैं, जहां से करीब 200 करोड़ मछली बीज पूरे उत्तर भारत में सप्लाई किए जा रहे हैं।

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