मछली अपशिष्ट से सतत नीली अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सिद्धार्थ, अक्टूबर 8 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राणीशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने पूर्वोत्तर भारत में जैव विविधता संरक्षण एवं जलवायु लचीलापन विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 (एनसीबीसीसीआर-2026) में आमंत्रित व्याख्यान दिया। छह और सात अक्टूबर को नागालैंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए। डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव को सतत जैव अर्थव्यवस्था के लिए मछली अपशिष्ट का मूल्यवर्धन विषय पर व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने मछली प्रसंस्करण से निकलने वाले अपशिष्ट के उपयोग और उससे उपयोगी एवं उच्च मूल्य वाले उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा ...
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