मच्छार के महाशौर्य से आगे
नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- वह साल 2015 के मार्च की 24वीं तारीख थी। फुटबॉल के तीर्थ बार्सिलोना से जर्मनविंग्स एयरलाइंस की एयर बस 9525 उड़ान भरती है। इसमें 144 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार हैं। लगभग 30 मिनट बाद वह एयरबस फ्रांस स्थित आल्प्स की बर्फ ढकी चोटियों पर उड़ रही होती है। सब कुछ निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप चल रहा था कि विमान गहरा गोता लगाता है। अवाक यात्रियों के कुछ सोचने-समझने से पूर्व उस विशाल एयरबस की नाक चोटियों से जा टकराती है और सभी 150 सवार दर्दनाक मौत के शिकार हो जाते हैं। हमेशा की तरह उड्डयन की दुनिया में हाय-तौबा मच जाती है। आनन-फानन में जांच दल गठित कर दिए जाते हैं। इस दौरान 'ब्यूरो ऑफ एनक्वायरी ऐंड एनालिसिस फॉर सिविल एविएशन सेफ्टी' (बीईए) के जांचकर्ताओं को जो मिला, वह चौंकाने वाला था। उनकी रपट के अनुसार, 27 वर्षीय सह-प...
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