अलीगढ़, जुलाई 18 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। मानसून के साथ मच्छरों का हमला तेज है, लेकिन इस बार उनकी तलाश करने वाली सबसे अहम 'फ्रंटलाइन फोर्स' ही मैदान में नहीं उतर सकी। घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की पहचान कर नष्ट करने वाले डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) की भर्ती बजट के अभाव में अटक गई है। नतीजतन यह जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं के कंधों पर आ गई है, जिन पर पहले से ही टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सर्वेक्षण का भारी बोझ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने 141 गांवों और 47 शहरी मोहल्लों को संवेदनशील मानते हुए अस्पतालों में विशेष डेंगू वार्ड तैयार कर दिए हैं, जबकि विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआती स्तर पर लार्वा नियंत्रण कमजोर पड़ना आगे बड़ी चुनौती बन सकता है। प्रदेश सरकार ने संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं, लेक...